PM Vishwakarma Yojana 2026: ट्रेनिंग के साथ रोज मिलेंगे ₹500 और टूलकिट के लिए ₹15,000, जानें कौन कर सकता है आवेदन (Complete Plan)

PM Vishwakarma Yojana के तहत कारीगरों को ₹15,000 की टूलकिट राशि और फ्री ट्रेनिंग के साथ रोज ₹500 का स्टाइपैंड मिल रहा है। जानिए पात्रता और आवेदन की पूरी प्रक्रिया।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PMVY) केंद्र सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाने के लिए शुरू किया गया है। 2026 में इस योजना का विस्तार और भी तेजी से हो रहा है, जिससे लोहार, सुनार, नाई, दर्जी और राजमिस्त्री जैसे 18 अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।

इस आर्टिकल में हम आपको पीएम विश्वकर्मा योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले शानदार लाभों के बारे में विस्तार से बताएंगे। अगर आप भी अपने हुनर को एक प्रोफेशनल बिज़नेस में बदलना चाहते हैं, तो यह सरकारी योजना आपके लिए वरदान साबित हो सकती है। इसमें न केवल आपको नई तकनीक सिखाई जाती है, बल्कि अपना काम शुरू करने के लिए कम ब्याज दर पर लोन की सुविधा भी दी जाती है।

PM Vishwakarma Yojana Eligibility: कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ?

पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले आपको यह देखना होगा कि आप सरकार द्वारा निर्धारित 18 श्रेणियों में आते हैं या नहीं। इसमें लकड़ी का काम करने वाले सुथार, नाव निर्माता, अस्त्रकार, लोहार, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, पत्थर तराशने वाले और पत्थर तोड़ने वाले शामिल हैं। इसके अलावा मोची, राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाले, गुड़िया और खिलौना निर्माता, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले कारीगर भी इस योजना के लिए पूरी तरह पात्र हैं।

पात्रता के अन्य नियमों की बात करें तो आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी सेवा में नहीं होना चाहिए। साथ ही, आवेदक ने पिछले 5 वर्षों में केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना (जैसे PMEGP या PM SVANidhi) के तहत ऋण न लिया हो। एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सकता है, जिससे अधिक से अधिक परिवारों तक इस सहायता को पहुँचाया जा सके।

Advance Training and Stipend Benefits: हुनर के साथ कमाई का मौका

इस योजना की सबसे खास बात इसकी ट्रेनिंग प्रोग्राम है। चयन होने के बाद लाभार्थियों को 5 से 7 दिनों की बेसिक ट्रेनिंग दी जाती है, और जो कारीगर इसे आगे बढ़ाना चाहते हैं उन्हें 15 दिन या उससे अधिक की एडवांस ट्रेनिंग भी दी जाती है। इस ट्रेनिंग के दौरान सरकार कारीगरों के समय की भरपाई के लिए उन्हें ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपैंड (Stipend) प्रदान करती है, ताकि ट्रेनिंग के दौरान उनकी रोज़ी-रोटी पर कोई असर न पड़े।

ट्रेनिंग पूरी होने के बाद लाभार्थियों को एक PM Vishwakarma Certificate और एक डिजिटल आईडी कार्ड दिया जाता है, जो उनकी पहचान एक प्रमाणित कुशल कारीगर के रूप में करता है। इसके तुरंत बाद, कारीगर को अपने काम के लिए आधुनिक उपकरण और मशीनें खरीदने के लिए ₹15,000 की टूलकिट प्रोत्साहन राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। यह राशि पूरी तरह से अनुदान (Grant) होती है जिसे वापस नहीं करना पड़ता।

Low Interest Loan and Market Support: बिज़नेस बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता

​जो कारीगर अपना खुद का बड़ा बिज़नेस या वर्कशॉप शुरू करना चाहते हैं, उन्हें सरकार बिना किसी गारंटी के ₹3 लाख तक का लोन प्रदान करती है। यह लोन दो किस्तों में दिया जाता है—पहली किस्त ₹1 लाख की होती है और उसे समय पर चुकाने के बाद ₹2 लाख की दूसरी किस्त दी जाती है। इस लोन पर ब्याज की दर मात्र 5% रखी गई है, जो कि बाज़ार में उपलब्ध किसी भी अन्य कमर्शियल लोन से बहुत कम है।

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